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जीवन की परिभाषा

Written By Neetu Arora 04/04/2016
कभी आशा, कभी निराशा, इसी को ही जीवन कहते हैं. जीवन ईश्वर द्वारा दिया हुआ वरदान है, हम उसे कैसे जीये ये हम पर निर्भर करता है.

मेरी सहेली अपने जीवन में बहुत सुखी थी पर संतुष्ट नहीं थी और मृगतृष्णा में भटक रही थी. बहुत समझाने पर भी वो समझ नहीं पा रही थी कि ज़्यादा की लालसा ईश्वर के साथ लड़ाई के समान है और अपने जीवन में संतुष्ट रहना ही प्रकृति का नियम  है. 

उसने अपनी अच्छी खासी ज़िन्दगी को छोड़ कर संघर्ष का रास्ता अपनाया जिसमे काँटे ही काँटे थे. बहुत हाथ पैर मारे, संघर्ष किया और अपने अच्छे पुराने जीवन को याद कर के रोई पर अब बहुत देर हो चुकी थी. वो आज भी संघर्ष कर रही है. 

इससे हमें यह सीख मिलती है कि ईश्वर ने हमें इतना सुन्दर जीवन दिया है तो उसे अच्छे से जिये. 

My Santa Claus

I guess I was waiting for my Santa in the wrong month. I did find my Santa, 15 years back in the month of August, disguised as my domestic help, Sushila Aunty. She taught me the real meaning of relationships and continues to shower me with her unconditional love each year.

कल्पना एवं वास्तविक्ता

कितना सुन्दर शब्द है 'कल्पना '. इंसान वास्तविक्ता से परे कल्पना के संसार में इतना सुन्दर घर बना लेता है कि बस उसी में जीना चाहता है. उसकी आधी उम्र तो कल्पना में ही निकल जाती है. इंसान कल्पना में सब कुछ सुन्दर एवं अपनी पसंद से देखता है.
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